Petrol Diesel Price Today के कीमत में भारी गिरावट देखें ताजा रेट

भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें हर दिन बदलती हैं। ये बदलाव अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों और डॉलर-रुपये की विनिमय दर पर निर्भर करते हैं। पेट्रोल और डीजल की कीमतों का असर आम आदमी की जेब से लेकर देश की अर्थव्यवस्था तक पर पड़ता है। इस लेख में हम आज के ताजा पेट्रोल और डीजल के दाम, उनकी निर्धारण प्रक्रिया, और इससे जुड़े प्रमुख बिंदुओं की जानकारी देंगे।

Petrol Diesel Price Today के कीमत में भारी गिरावट देखें ताजा रेट
Petrol Diesel Price Today के कीमत में भारी गिरावट देखें ताजा रेट

Table of Contents

आज के पेट्रोल और डीजल के दाम (Petrol Diesel Price Today)

प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें

शहर पेट्रोल (₹ प्रति लीटर) डीजल (₹ प्रति लीटर)
दिल्ली ₹96.72 ₹89.62
मुंबई ₹106.31 ₹94.27
चेन्नई ₹102.63 ₹94.24
कोलकाता ₹106.03 ₹92.76

(कीमतें इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित हैं।)

स्थानीय बदलाव

  • हर राज्य में पेट्रोल और डीजल की कीमतें वैट (VAT) और राज्य के अन्य करों के आधार पर अलग-अलग होती हैं।
  • महानगरों के मुकाबले ग्रामीण इलाकों में कीमतों में थोड़ा अंतर हो सकता है।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों का निर्धारण कैसे होता है?

1. अंतरराष्ट्रीय बाजार

पेट्रोल और डीजल की कीमतें कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करती हैं।

  • जब कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो पेट्रोल-डीजल महंगे हो जाते हैं।
  • कच्चे तेल की कीमतें कई कारकों पर निर्भर करती हैं, जैसे भू-राजनीतिक तनाव, उत्पादन कटौती, और मांग-आपूर्ति का संतुलन।

2. एक्सचेंज रेट (डॉलर-रुपया)

तेल आयात के लिए भारत को डॉलर में भुगतान करना पड़ता है।

  • अगर रुपये की तुलना में डॉलर मजबूत होता है, तो तेल महंगा हो जाता है।
  • रुपये की मजबूती से कीमतों पर दबाव कम होता है।

3. कर (Taxes)

भारत में पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय और राज्य सरकार द्वारा लगाए गए कर कीमतों का बड़ा हिस्सा होते हैं।

  • एक्साइज ड्यूटी: केंद्र सरकार का टैक्स।
  • वैट: राज्य सरकार का टैक्स।
  • दोनों कर मिलकर पेट्रोल-डीजल की कीमत में लगभग 50-60% का योगदान करते हैं।

4. डीलर कमीशन

तेल कंपनियों द्वारा डीलरों को दिया गया कमीशन भी अंतिम कीमत का हिस्सा होता है।


पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बदलाव के मुख्य कारण

1. कच्चे तेल की आपूर्ति और मांग

  • अगर ओपेक (OPEC) देश उत्पादन घटाते हैं, तो कच्चे तेल की कीमतें बढ़ जाती हैं।
  • वैश्विक स्तर पर आर्थिक सुधार के दौरान तेल की मांग बढ़ने से कीमतें ऊपर जा सकती हैं।

2. कराधान में बदलाव

  • सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी या वैट में बदलाव कीमतों को सीधे प्रभावित करता है।
  • उदाहरण: 2021 में केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम की थी, जिससे कीमतों में गिरावट आई थी।

3. भू-राजनीतिक स्थिति

  • युद्ध, प्रतिबंध, या अन्य राजनीतिक अस्थिरता के कारण तेल की कीमतें प्रभावित हो सकती हैं।
  • रूस-यूक्रेन युद्ध इसका हालिया उदाहरण है।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों का आम आदमी पर प्रभाव

1. महंगाई

पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने से परिवहन लागत बढ़ती है, जिससे आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर असर पड़ता है।

2. कृषि क्षेत्र

डीजल का उपयोग ट्रैक्टर, पंप सेट और अन्य कृषि उपकरणों में होता है। डीजल महंगा होने से किसानों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है।

3. परिवहन उद्योग

लॉजिस्टिक्स और पब्लिक ट्रांसपोर्ट की लागत बढ़ने से अर्थव्यवस्था पर प्रभाव पड़ता है।


सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल कीमतों को नियंत्रित करने के प्रयास

1. करों में कटौती

  • सरकार समय-समय पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती करती है।
  • राज्य सरकारें भी वैट में कटौती करके राहत दे सकती हैं।

2. वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत

  • सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) और हरित हाइड्रोजन को बढ़ावा दे रही है।
  • इन प्रयासों का उद्देश्य पेट्रोल और डीजल की मांग को कम करना है।

3. तेल भंडारण रणनीति

  • भारत ने रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार बनाए हैं, जिनका उपयोग आपातकालीन स्थिति में किया जा सकता है।

क्या करें जब पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ें?

1. ईंधन की बचत के उपाय

  • गाड़ी चलाते समय उचित गति बनाए रखें।
  • गाड़ी को समय-समय पर सर्विस करवाएं।
  • कारपूलिंग और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें।

2. वैकल्पिक ईंधन का उपयोग

  • CNG और LPG वाहनों का उपयोग करें।
  • इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुख करें।

3. वित्तीय योजना

  • ईंधन खर्चों का बजट बनाएं।
  • ऐप्स का उपयोग करके पेट्रोल पंप की तुलना करें और सस्ती कीमतों पर ईंधन खरीदें।

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